Category Archives: Poetry

My poems…my thoughts

I know earth is not meant for souls as precious as you

बहुत दिनों से कुछ लिखना चाहता था तुम पे; तुम्हारे यादों के फूलों को संजोना चाहता था; कभी लफ़्ज़ों ने साथ नहीं दिया तो कभी जज्बातों ने. आज भी हाथ काँप रहे हैं, लफ्ज़ भाग रहे हैं; जाने क्यों अब … Continue reading

Posted in Memory, Nirlipta Ke Kalam Se, Poetry | Tagged , , , , , , | Leave a comment

तलाश

काली अंधियारी रात थी; आसमान मे चाँद नही था; आमावास की रात थी शायद! सड़कों पे बिजली के पुल तो थे, पर उसमे बत्ती गुल थी; लगता था, जैसे किसी शरारती बच्चे ने पत्थर फेंक उसे तोड़ दिया था! हाथ … Continue reading

Posted in Poetry | Leave a comment